‘मै और मेरी मां ने एक ही मर्द से की है शादी’..जानें इस घिनौनी बात की सच्च
दरअसल बांग्लादेश में एक जनजाति में यह परंपरा है कि बेटी अपने ही पिता से शादी करती है। मंडी जनजाति की बेटियां बचपन से ही अपने पिता के साथ शादी करने के सपने देखती है। इस जनजाति में मां और बेटी को एक ही पुरुष से शादी करनी पड़ती है ताकि उनका समुदाय बचा रहे और महिलाओं की रक्षा हो सके। हालांकि, बदलते वक्त के साथ स समुदाय के लोगों ने अब इस परंपरा को मानने से मना कर दिया है।
पिता को अपनी ही बेटी से शादी करने के पीछे तर्क दिया जाता है कि इस परंपरा की शुरुआत उस वक्त से शुरू हुई जब एक महिला का पति कम उम्र में चल बसा। ऐसी स्थिति में महिला को अपने पति के खानदान में से ही एक कम-उम्र के आदमी से शादी करनी होती है। ऐसे में कम उम्र के नए पति की शादी उसके होने वाली पत्नी की बेटी के साथ मंडप में जाती है|

बताया जाता है कि कम उम्र में बना पति अपनी नई पत्नी और उसकी बेटी का भी पति बनकर दोनों की सुरक्षा लंबे समय तक कर सकता है। वहीं, इस जनजाति के लोगों का कहना है कि इस परंपरा के पीछे का खास मकसद संपति के बंटवारे को रोकने के साथ ही महिलाओं की सुरक्षा करना है।
यहां प्रचलित इस परंपरा के मुताबिक यदि किसी महिला के पति की कम उम्र में ही मृत्यु हो जाती है तो उस महिला को अपने पति के परिवार के ही किसी सदस्य से शादी करनी पड़ती है
बाकायदा इसी जनजाति से सबंध रखने वाली एक 15 साल की लड़की ओरोला खुद बताती है कि जब वह छोटी थी तभी उसके पिता की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उसकी मा ने दूसरी शादी की तभी से वह अपने दूसरे पिता को पति के रूप में देखना शुरू कर दिया
पिता को अपनी ही बेटी से शादी करने के पीछे तर्क दिया जाता है कि इस परंपरा की शुरुआत उस वक्त से शुरू हुई जब एक महिला का पति कम उम्र में चल बसा। ऐसी स्थिति में महिला को अपने पति के खानदान में से ही एक कम-उम्र के आदमी से शादी करनी होती है। ऐसे में कम उम्र के नए पति की शादी उसके होने वाली पत्नी की बेटी के साथ मंडप में जाती है|
बताया जाता है कि कम उम्र में बना पति अपनी नई पत्नी और उसकी बेटी का भी पति बनकर दोनों की सुरक्षा लंबे समय तक कर सकता है। वहीं, इस जनजाति के लोगों का कहना है कि इस परंपरा के पीछे का खास मकसद संपति के बंटवारे को रोकने के साथ ही महिलाओं की सुरक्षा करना है।
यहां प्रचलित इस परंपरा के मुताबिक यदि किसी महिला के पति की कम उम्र में ही मृत्यु हो जाती है तो उस महिला को अपने पति के परिवार के ही किसी सदस्य से शादी करनी पड़ती है
बाकायदा इसी जनजाति से सबंध रखने वाली एक 15 साल की लड़की ओरोला खुद बताती है कि जब वह छोटी थी तभी उसके पिता की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उसकी मा ने दूसरी शादी की तभी से वह अपने दूसरे पिता को पति के रूप में देखना शुरू कर दिया