दोस्तों, निर्भया केस के बारे में तो हम सभी लोग जानते ही है आखिर ये इतने लम्बे समय के बाद में फैसला आया है और पटियाला हाउस कोर्ट ने आखिरकार फाइनल कर ही दिया है कि 22 जनवरी को निर्भया केस के सभी दोषियों को सजा दे दी जाये और ये फैसला अब एकदम फाइनल है जिस पर देश भर में एक पोजेटिव माहौल बना है और लोग खुश भी है कि आखिरकार निर्भया को इन्साफ मिला है.

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देश में हर कोई चाह रहा था कि इन लोगो को सजा मिल जाए लेकिन कोर्ट रूम में एक औरत ऐसी भी थी जो ये कह रही थी कि इन्हें सजा न दी जाए. दरअसल इस पर जब कोर्ट में केस चल रहा था तब वहां पर इस केस से जुड़े कई लोग मौजूद थे जिनमे से एक थी दोषी मुकेश की माँ.

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जब निर्भया की माँ ने मांग की कि इन सभी दोषियों को अब फंदे की ही सजा दी जानी चाहिए तभी वहाँ पर दोषी मुकेश की माँ बीच में पड़ गयी और कहने लगी कि मैं भी आखिर एक माँ हूँ, मेरी भावनाओं का भी ख्याल रखा जाना चाहिए. जज साहब आप दया करिए, मेरे लाल का क्या होगा? ये सब कहते हुए वो निर्भया की माँ से भी उलझ पड़ी क्योंकि उन्हें सजा दिलवाने का काम कही न कही निर्भया की माँ ही कर रही है.

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ऐसे में जज साहब को बीच में पड़कर के इन दोनों को शांत करना पडा और कोर्ट में क़ानून के मुताबिक़ सारी की सारी प्रोसिडिंग चली जिसके बाद में मुकेश समेत बाकी सभी आरोपियों के लिए लटकाने की तारीख मुकर्रर कर दी गयी है और अब इसे रोक पाना लगभग लगभग तो असंभव ही है क्योंकि ये फैसला पूरे सात साल की सुनवाई के बाद में पूरा होने जा रहा है. ये भारतीय क़ानून में विश्वास भी बनाता है.
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